Tu Hi Meri Shab Hai from the movie Gangster is a timeless romantic masterpiece that beautifully captures the emotions of love, longing, and desire. Soulfully sung by K. K., the song enchants listeners with its haunting melody and heartfelt expression. The mesmerizing music is composed by Pritam, while the poetic lyrics by Sayeed Qadri add depth and passion, making it one of Bollywood’s most unforgettable love songs.
तू ही मेरी शब है, सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है, जहान है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक्त मेरे लिए, मैं हूं तेरा लम्हा
कैसे रहेगा भला, होक तू मुझसे जुदा
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
तू ही मेरी शब है, सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है, जहान है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक्त मेरे लिए, मैं हूं तेरा लम्हा
कैसे रहेगा भला, होकर तू मुझसे जुदा
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
आंखें तेरी शबनमी, चेहरा तेरा आईना
तू है उदासी भरी, कोई हसीन दास्तां
हो आंखें तेरी शबनमी, चेहरा तेरा आईना
तू है उदासी भरी कोई हसीन दास्तां
दिल में है क्या कुछ तो बता
क्यों है भला खुद से खफा
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
आँखों से पढ़ के तुझे, दिल पे मैंने लिखा
तू बन गया है मेरे जीने की इक वजह
आँखों से पढ़ के तुझे, दिल पे मैंने लिखा
तू बन गया है मेरे जीने की इक वजह
तेरी हंसी, तेरी अदा
औरों से है बिलकुल जुदा
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
तू ही मेरी शब है, सुबह है
तू ही दिन है मेरा
तू ही मेरा रब है, जहान है
तू ही मेरी दुनिया
तू वक्त मेरे लिए, मैं हूं तेरा लम्हा
कैसे रहेगा भला, होकर तू मुझसे जुदा
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
ओओओओओ
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